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सूरदास ( पृ० सं० ६६६-१६३ ) रणी सभा के सौज

( सागरीभप्रचारि

खंड १२

वर्गीय यौगिक

वाइट्हेड, एलफ्रेड नाथे! तक त्त्था परिशिष्ट

नागरीप्रचारिणी. सभा वाराणसी

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हिंदी विश्वकोश के संपादन एवं प्रकाशन का संपूर्ण व्यय भारत सरकार के शिक्षाम॑त्रालय मे वहन किया तथा इसकी बिक्रो फी समस्त भाय भारत प्रकार को प्रभा दे देती है।

प्रथम संस्करण

शकाब्दू ९८६१ सं० २०२६ वि०

१६७० ई० नागरी मुद्रण, बाराणसी, में मुद्रित

परामशमंडल के सदस्य

पूं० कमलापति त्रिपाठी, सभापति, नागरीप्रचारिणी सभा, वाराणसी ( श्रध्यक्ष ) माननीय श्री भक्तदर्शन, राज्य शिक्षा मंत्री, भारत सस्कार, नई दिल्ली श्री लक्ष्मीवारायणा * सुवांशु', अलका', पो--रूपसपुर, पुणिया, विहार | श्री इृष्णदयाल भागंव, उपसयिव ( भाषा ) शिक्षा मंत्रालय, भारत है सामप्रसाद त्रिपाठी, २१ वेस्टलैंड एवन्यू, हार्नचर्च, - एसेक्स,

सरकार, मई दिल्ली इंग्लैंड त्री डाँ० कौमुदी, उप वित्त सलाहकार, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार, अवनारिशों की नई दिल्ली दी, उप वित्त सलाहकार, शिक्षा * श्री करुणापति त्रिपाठी, प्रकाशनमंत्री, वागरीप्र सभा, पु अप विद 'द्रोय हिंदी विद ! वाराणसी | प्रो० ए० चंद्रहासत, निदेशक, केंद्रोय हिंदी विदेशालय, दरियागंज, « 5 शक पल नई दिल्ली | श्री मोहकमचंद मेहरा, श्रर्थमंत्रो, नागरीप्रचारिणी सभा, वाराणसी | डॉ० नंदलाल विह, भ्रव्यक्ष, भौतिकी विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, श्री शिवप्रसाद मित्र हद ', साहित्यमंत्री, नागरीप्रचारिणी सभा, वाराणसी वाराणसी |

श्री सुघाकर पांडेय, प्रधान मंत्रो, नागरीप्रचारिणी सभा, वाराणसी ( मंत्री तथा संयोजक )।

संपादक समिति

पं० कमलापति त्रिपाठी, सभापति, नाग रीप्रचारिणी सभा, वाराणसी ( अध्यक्ष ) मानवीय श्री भक्तदर्शन, राज्य शिक्षा मंत्री, भारत सरकार, नई दिल्‍ली | डॉ० रामग्रसाद त्रिपाठी, २१ वेस्टलैंड एक्स्यू, हार्नचर्च, एसेक्स, इंग्लैंड | श्री कप्णदयाल भार्गव, उपसचिव ( भाषा ) शिक्षा मंत्रालय, भारत श्री मुकुंदीलाल श्रीवास्तव, सिद्धगिरि बाग, बाराखसी |

सरकार, नई दिल्ली श्री करणापति श्रिपाठी, प्रकाशन मंत्री; मागरीप्रचारिणी समा, प्रो० फूलदेव सहाय वर्मा, संपादक ( विज्ञान ) हिंदी विश्वकोश, शक्ति वाराणसी |

निवास, बोरिंग रोड, पटना श्री शिवप्रसाद मित्र रद, साहित्यमंत्री, तागरीप्रचारिणी सभा, श्री मोहकमचंद मेहरा, पश्र्थमंत्री, नांगरीप्रचारिणी सभा, वाराणसी | वाराणसी |

श्री सुधाकर पांडेय, प्रधान मंत्री, नागरीअ्रचारिणी सभा, वाराणासी ( मंत्री तथा संयोजक ) |

प्रधान संपादक कमलापति त्रिपाठी संपादक सुधाकर पांडेय

अधीक्षक तथा प्रबंध संपादक सर्वदानंद

सहायक तथा सहकारी संपादक

फत्याएुदास, वीलाशनाथ सिह, अवतार सिंह, लालघर त्रिपाठी 'प्रवासी', नालबहादुर पडिय, विभूतिभूषण पाड़िय चिह्रका र,--बैजनाथ वर्मा

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तत्व का नाम

अ्म री कियम श्राइंस्टियम प्रॉक्सीजन श्रायोडीन झ्रार्गन श्रासेनिक प्रॉस्मियम इंडियम हृटवियम इंट्ियम दरीडियम एबियम ऐंटिमनी ऐक्टिनियम ऐलुमितियम ऐस्टैटीन कार्वन कैडमियम कैलिफोनियम कैल्सियम कोबाल्ट वयूरियम क्रिप्टॉन फ्रोमियम कलो रीन गंघक गैडोलिनियम गैलियम जर्कोनियम' जर्मेनियम जोनान टंस्टन

टबियम' टाइटेनियम

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संकेत

है ४] है है०|

तत्व का नास

टेवनी शियम टेल्यूरियम टैटेलम डिस्प्रोशियम ताम्र थूलियम

. अलियम 'थोरियम

नाइट्रोजन नियोवियम निकल

नीश्रॉन तेप्च्यूनियम न्योडियम पारद पैलेडियम पोर्टशियम पोलोनियम प्रेज़िश्नोडिमियम प्रोटोऐक्टिनियम प्रोमी थियम प्लूटोतियम प्लैटिनम फॉस्फोरस फ्रांसियम फ्लोरीन बर्केलियम तिस्मथ बेरियम' बेरीलियम बोरन

ब्रोमीन

मुलक (रेडिकल) मैंगनीज

मैग्नी शियम

एम पप नजन्‍गीरि हक सर भा बज

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तत्व का नास

मोलिष्डेनम यशद यूरेनियम यूरोपियम .

. रजत

स्वेनियम रुबिडियम रेडॉन रेडियम रेमियम रोडियम लिथियम लैंथेनम लोह ल्यूटीशियम वंग वैनेडियम. . - समेरियम सिलिकन सिलीनियम _ सीजियम सीरियम सीस सेंटियम सोडियम स्क्रैंडियम स्ट्रॉंशियम स्वर्ण हाइड्रोजन ही लियम

हैफिनियम होल्मियम

फलक सूची

१. सूरदास ; ( रंगीन ) २. साँची $ स्तूप ३, साँची : प्रवेश द्वार ७. विनायक दामोदर सावरकर : हरिनारायरा आ्राप्टे, पांडेय बेचन शर्मा 'उग्र', दामस हार्डी ५, हिमालय--प्रकृति का क्रीडास्थल ६, सिंचाई : मानचित्र ७. सिंघु संस्कृति के स्थल ८, सिंधु घाटी को संस्कृति 8६. सिंधु घाटी की संस्कृति : सातृदेबी की प्रतिमा, पहिएवालो गाड़ी, मिट्ठी का पाच १०, सिंधु घादी की स॑रुकृति : सड़क, शिव पार्वती के प्रतीक लिंग और योनि ११, सिंधु घाटी की संस्क्ृति : मुद्राएं, मुहरें, मातृदेवी की सूर्तियाँ, शवागार १२. सिंधु घादी की संस्कृति : मातृदेवी की प्रतिमा, पुरोहित १३. सिंधु घाटी की संस्कृति : शिरोवस्र तथा श्राभूषणयुक्त नग्न पुरुष मुशमू्तियाँ, चाँदी का कलश १७, सिंघु घाटी की संस्क्ृति : शौचालय, भवन के श्रंदर कृप १५. शिवाजी भसोंसले, मदह्दाराज रणजीत सिंद्द, शाहंशाह हुमायू', शेरशाह सूरी, वारेन द्वेस्टिग्ज १६, सुधाकर द्विवेदी १७, भयोध्यासिंह उपाध्याय “हरिऔषध . १८, स्वामी विवेकानंद : स्वामी श्रद्धानंद, श्राचार्य विनोबा भावे, लार्ड ब्रेड रसेल १९६, सम्राट हर्षवर्धन : सिकंदर, समुद्रगुप्त, अडोल्फ हिटलर, जोजफ स्तालिन २०, दृरिश्चंद्र (भाग्तेंदु) . २१, हिमालय : बड़ा चित्र १२. अंतरिक्ष यात्रा और च॑द्रचिज्य : सँटर्न, मेरिनर, जेमिनी, मौसम सूचक उपग्रह, टेल्सटर संचार उपग्रह, रेंजर , अंतरिक्ष यात्रा और चंद्रव्रिजय : प्रोजेक्ट मर्करी, श्रपोलो ११, एल्ड्रन-चंद्रतल पर 9. अंतरिदष यात्रा औ( चंद्रविजय : चंद्रमा से प्रस्थान, पृथ्वी की और यात्रा हह. भभिज्ञान शाकवलस्‌ : एक मुग्धकारी दृश्य है... जॉन किद्जेराल्ड केनेडी कि, इंदिरा गांधी

है... रफी अदमद किद्वई, हो-ची सिन्ह, अंभिक्राप्रसाद वाजपेयी, कांजीचरम्‌ नटराजन अन्नाहुरै, लाला हरदयाल ». चक्रवर्ती राजगोपालाचारी

।१, डॉ० सत्र पल्‍ली राधाकृष्णन

(२, भगवान्‌ शंकर ( रंगीन )

!३, डा० खाकिर हुसेन

४, सुकरात; योयस जूजियप सोजर

आ० दे वि० अआ० ना० श्र०

ना० मे०

ध््० बि० मि० हर७ शा० फ०

ध्प्० ससि

श्रा० कौ० या भ० भ्रा० कौ० झा० भू०

ध्रा० चे०

द्वादश खंड के लेखक

(स्व०) पअन्रिदेव विद्यालंकार, काशी हिंदू विश्व- विद्यालय, वाराणुती

डा० प्रमरनारायण प्रग्रवाल, ५, बलरामपुर हाउस, इलाहाबाद प्रजितनारायणश मेहरोत्रा, एम० ए०, बी? एस- सी०, बी० एड०, साहित्य संपादक, हिंदी विश्वकोश+ नागरीग्रचारिणी सभा, वाराणसी |

प्रवधविहारी मिश्र, भूतपूर्व प्राध्यापक, वाणिज्य विभाग, गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर

( स्व्र० ) भ्रव॑त शास्त्री फड़के, २९॥४१, कपिलेश्र गली। दुर्गाघाट, वाराणुती |

प्रभय सिन्हा, एम० एस-सी०, पी० एच-डी०, भ्रार० झाई० सी० लंदत, टेक्नॉलोजिस्ट प्लैनिंग, ऐंड डेवलपमेंट डिविजन, फर्टिलाइजर कारपोरेशन आ्राँव इंडिया, सिदरी, धनबाद

भदंत श्रानंद कौसल्यायन, विद्यालंकार परिवेण, विश्वचिद्यालय कैलांबिया, श्रीलंका

धार्यमूषण, ऐडिशनल कमिश्नर श्लाँव रेलवे सेफ्टी वेस्टनं सकल, गवर्दमेंद श्ाँव इंडिया श्राफिस, कवींस रोड, बंत्रई

( फादर ) श्रास्कर बेरे ऋद्से, प्रोफेतर श्रॉव होली स्क्रिप्चप्, सेंठ प्रलबर्टू सेमिनरी, रांची

आर० एन० दां० प्रार० एन० दांडेकर, भांडारकर शोधसंस्थान, पुना

इं० दे०

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उ० ना० पा

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झीं० ना० श॒०

झों० प्र०

इंद्रदेद, एम० ए०, पी० एच-डी०, रीडर, समाज- धास्त विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर इक्तिदार हुसैत घिद्दीकी, द्वारा डा० खलीक प्रहमद निजामी, ३, इंग्लिश हांठठ, प्रतीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, श्रत्तीगड़।

उदयनारायण पांडेय; एम० ए०, रजिस्ट्रार, लद्गाखी बोढ विहार, वेला रोड, दिल्‍ली |

उजागर सिंह, एम० ए०, पी० एच-डो० (लंदन), रीडर, भूगोल विभाग, काशी हिंदु विश्वविद्यालय, वाराणती--५

भोंकार नाथ शर्मा, भूतपूर्व वरिष्ठ लोकी फोरमैन, बी० वी० एंड सी० भ्राई० रेलवे, निवृश्े प्रधाना- ध्यापक, यंत्रशास्त्र, प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र, पूर्वोत्तर रेलवे, लक्ष्मी निवास, गुलाबवाड़ी॥ प्रजमेर

धोंम प्रकाए, १३४५ शक्ति नगर, दिल्‍्ली--७ |

का० घु० क० पृ० ब्रि०

का० ना० सि

क्ृ० प्र० श्री०

के० त्ता० ब्लि० के० ना० ला०

क्कै ना० सिं०

कें० मा० सिं०

ग्रि० क्लि० रू गि० चं० म्नि० गु० ना० दु०

चे० प्र० झु०

कामिल बुल्के, एस० जे०, एम० ए०, डी० फिल्ल० प्रध्यक्ष, हिंदी विभाग, सेंट जवियर्स कालेज, राँची ! करुणापति त्रिपाठी; वाराणपैय उंस्क्षत विश्वविद्या- लय; वाराणसी !

काशीनाथ पिह, एम० ए०, पी० एच-डी०, शाध्या- पक, भुगोल विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी--५

कृष्ण प्रत्ताद श्रीवास्तव, पी० एच-डी०, . प्रोध्यापक, जंतु शास्त्र विभाग, काशी हिंदु विश्वविद्यालय, वाराणसी--१

केशरीनारायण त्रिपाठी, दोगरीप्रचारिणी सभा, वाराणसी |

केदारनाथ लाभ, हिंदी विभाग, राजेंद्र कालैब, छपरा ( विहार )।

कैलासनाथ सिंह, बी" एस० सी०, एम० ए०, प्रा्यापक, भूगोल विभाग, काशी हिंदू विशवर विद्यालय, वाराणसी--५।

कैलासनाथ पिंह, एम० ए०, एम० एस-सी०) एल० एल० बी०, एल० टी०, साहित्यरत्त, प्रष्यक्ष, भौतिक शास्त्र विभाग, डो० एु० वी० कालेज, वाराणसी

गिरिराज किशोर गहराता, प्राध्यापक, पर्ंस्माज कालेज, प्रलीगढ़

गिरीशचंद्र त्रिपाठी, एम० ए०, पी० एच-डी० नानकी निकुंज, पुराना किला; लखनऊ गुरुनारायण दुबे, एम० एस-सो०, सर्वेक्षण: प्रबी« क्षक, भारत सर्वेक्षण विभाग, हैदराबाद (प्रां* प्र०) || चंडिका प्रसाद शुक्ल, एम० ए०, पी० एच-ढौ०, संस्कृत विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद

चं० ग्० गो० या चंद्रप्रकाश गोयल, एम० ए्‌०, एम० ए० एप०,

चल प्र० गो चं० स्ा० पा०

च्चं | सू० त्नि 0

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पी० एच-डो०, काशी विद्यापीठ, वाराणसी - पंद्रभाव पांडेय, एम० ए०, पी० एच-डी०, भू० पु० लेक्चरर, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणदी | चंद्रभूषण त्रिपाठी, .एम० ए०, एल० एल० बौन.. डी० फिल०, इतिहास विभाग, इचाहाबाद विश्व- विद्यालय, इलाहाबाद |

घंद्रमोहल, पी७ एच-डी० (लंदन), एफ एप

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सा० पॉँ० छतु० ना० सिं०

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द्वी० चं०

द्वादश खंड के लेखक

एस०, रीडर गणित विभाग, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय,

' कुरुक्षेत्र

चंद्रशेश्वरः मिश्र, काशी . नागरीप्रचारिशी समा, वाराणसी | डा० जयक्ृष्णु, बी० एस-सी०, सी० ई० (धानसं),

पी० एच-डी०, (लंदन) एम० भ्राई० ई० (इंडिया), -

मेंबर साईज्योलॉजिक सोसायटी (संयुक्त राज्य प्रमरीका ), फेशो भ्रमरीकन सोसायटी शझ्ाँव सिविल हंजीनियर्स, प्रोफेसर, रड़की विश्वविद्यालय, रुड़की | जवाहरलाल चतुर्वेदी, प्रधान संपादक, 'पुष्टिमार्गीय ग्रंथरत्न कोश?, कूवावाली गली, सूरसागर कार्या- लय, मथुरा

जयदेव सिंह, भूतपुर्व म्यूजिक प्रोड्यूसर, शआ्राकाश« वाणी, नई दिल्‍ली, डो० ६१।२६ एफ०, विश्वाम- छुटी, सिद्धिगिरिबाग, वाराणसी जगदीशनारायश मल्लिक, एम० ए०, श्रष्यक्ष, दर्शन विभाग, राजेंद्र कालिज, छपरा जगदीशबिहारी मप्रिश्र, श्रंग्रंजी विभाग, लखनऊ विश्वविद्याल_य, लखनऊ)...

जन युन-हुप्रा, एम० ए०, पी० एच-डी०, शांति- निक्ेतन, प० बं०।

डा० जगदीशसरन गगे, बी० एस-सी० (ए० जी० »ै एम० एस.सी० ए० जी० ), एम० ए्‌० (अर्थशास्त्र )) पी० एच-डी०, प्रॉडक्‍शन इफानो- मिस्टकम, प्रोफेसर, राजकीय महाविद्यालय, कानपुर |

जंगीर तिह, एम० ए०, एल० ठी०, ( भ्रवकाश* प्राप्त प्रध्यापक, प्रशिक्षण महाविद्यालय, काशी हिंदू विश्वविद्यालय ) डी० ६०|३६, छोटी गैदी, वाराणसी

तारकेश्वर पांडेय, बलिया

तुलसीनारायरा सिह, अंग्रेजी विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी--५

ब्रिलोचन पंत, एम० ए०, इतिहास विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी

दयाशंफर दुबे, एम० ए०, ए० एल० बी०, भूतपुर्व प्राष्यापक, धर्थशास्त्र विभाग, इलाहाबाद विश्व- विद्यालय, दुबे निवास, ८७३, दारागंज इलाहाबाद | दशरथ छर्मा, एम० ए०, डोी० लिट॒०, अष्यक्ष, इतिहास विभाग, जोधपुर विश्वविद्यालय, जोधपुर

दलजील सिंह, आयुर्वेद वृहस्पति, हकीम,; श्री छुनार

श्रायुर्वेदीय यूनानी ध्ोपंधालय, चुनार |

दीवाब चंद, एम० ए०, डी० लिटि०; भूतपूर्व वाइस पांसलर भागरा विश्वविद्यालय, ६३, छावनी मार्ग, फानपुर

हु? शे० ना०

द्दे राए क०

घी० च॑० गा

भण क० नण० कु०

न० कु० रा५ न० प्र०

मि० गु० लनि० शा० पु० चा०

प्र० ओ०

ग्र० सा०

प्र० ना० मे० प्रा० ना०

प्रि० कु० ष्वौ

फ्रा०ए भ०

फूण स० व०

दुर्गशंकर नागर, बी० एस-सी० (कृषि), निदेशक (प्रशिक्षण), कृषि निदेशालय, उत्तर

. लखनऊ

देवराज कथधूरिया, लेफ्टिनेंट कर्नेल, बी० (सिविल) ए० एम० झाई० ई० ( भारत ), - थाफिसर ग्रेड--६ प्लैनिंग, चीफ़ इंजीनियर्स १४५ को र, ५६ ए० पी० श्रो०, इजीनियस करा धीरेंद्रचंऔ गांगुली, एम० ए०, पी० एच- ( लंदन ), भूतपूर्व प्रोफेतर ढाका ७«+ - सेक्रेटरी श्रौर क्पूरेटर, विक्टोरिया भेत्रो कलकचा--१६

नवरत्न कपूर, एम० ए०, पी०.एच-डी ०, विभाग, महेंद्र डिग्री कालेज, पटियाला (पंजाब) नगेंद्रकुमार, बार-ऐठ लॉ, राजेंद्रगग र, पटवा--- नंदकुमार, राय, एम० एसनप्री०, सं सहायक, हिंदी विश्वकोश, नाग्ररीप्रचारिणी सः वाराणतपी

सम देश्वर प्रसाद, एम० ए०, लेक्चरर, भूगे विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी नित्यावंद युप्त, एम० डी० ( मेडिसित ), त« फिजीशियन, सेडिकल कालेज, लखनऊ

सिखिलेश शास्त्री, एम्र० ए०, एम० लिट॒०, थ।

श्रष्ययन विभाग, दिल्‍ली--७

पुरुषोत्तम वाजपेयी, एम० ए०. ध्रध्पक्ष, उत्तर 'दे' बैंक इंप्लाइज यूनियन, वाराणसी

प्रभा प्रोवर, एम० एस-सी ०, डी० फिल, १४, पाक रोड, इलाहाबाद

प्रभाकर माचवे, एम० ए०, पी० एच-डी, सहायक मंत्री, साहित्य श्रकादमी, नई दिल्‍ली

प्रकाशनाथ भेहरोप्रा; एम० एस*सी, पी० एच०-डी०, एफ० ई० एस० शभ्राई०, एफ० श्रार० ई० एस०, रीडर एवं श्रष्यक्ष, प्राणिविज्ञात विभाग, रांची फालेज रांची, बिहार

प्राणशनाथ, एम० एस-सी०, पी० एच-डी ०, प्रोफेसर, गशित विभाग, इंजीनियरिंग फालेज, काशी हिंदू विश्वविद्यालय; वाराण॒पी---५

प्रियकुमार चोबे; बी० ए० ए० घी० एम० एस०; ढी० सी० पौ०, मेडिकल एवं हेल्थ भाफिसर, काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय, वाराणसी

( श्रीमती ) फ्रांत भट्टाचायं, प्रोंच भाषा लेबचरर, दिल्‍ली विश्वविद्यालय, दिल्‍ली

फूलदेव सहाय वर्मा, एम० एस-सी०, ए० धाई० धाई० एस० सी; भूतपुर्वे प्रोफेवर, धीयोगपिक रसायन

बल श्री०

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घ० ना० सिं० घ० प्र० मि०

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आं० प्चौ० शत्र० २० दा० घै० पु०

छैे० ना० प्र० भ० प्र> श्री० भ० सि०

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ह्वादश खंड के लैखी

एवं प्रधानाचार्य, कालेज श्राव टेक्नोलोजी) काशी हिंदू विश्वविद्यालय, संप्रति संपादक हिंदी विश्व- फोश, नागरीप्रचारिणी सभा, वाराणसी

बंशीघर श्रीवास्तव, संपादक, नई तालोम, सर्वेसेवा- उंघ प्रकाशन, वाराणसी |

घलदेव उपाध्याय, एम० ए०, साहित्याचाय॑, निदेशक, प्रनुयंधान, वाराणतेय संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी

बशिष्ठ नारायण विह, शोघछात्, जेनाश्रम, हिंदू विश्वविद्यालय; वा राणसी--५ |

बलमद्र प्रसाद मिश्र, ४७।१२, लखनऊ

बसंत लाल जैन, प्राध्यापक, ढिग्री कॉलेज, भरतपुर बालेश्वर नाथ, ववी०-एस-सी, सो० ई० (प्रानसं), एम० आाई० आाई०, मेंबर इरिगेशन टीम ( कौप ) कमिटी धान प्लान प्रोजेव्टस, प्लानिंग कप्तीशन-३, मथुरा रोड, नई दिल्‍ली

ब्रजराज वौह्ान, रीडर, इन्स्टीट्यूठ श्रॉव चोशल सायसेंज, श्रागरा विश्वविद्यालय, झागरा

(स्व०) ब्नजरत्व दास, बी० ए०, एल० एल० बी०, भुतपुर्व प्रधानमंत्री, तागरीप्रचारिणी सभा, एवं वकील, सुड़िया, वाराणसी

बैजनाथ पुरी, एम० ए०, डी० लिटु० (प्राक्षफो्ड ), प्रोफेतर इतिहास, नेशनल एकैडेपी श्रॉव ऐडमिनि- स्ट्रेशन, चाल विल, मंसूरी

बैजनाथ प्रसाद, पी० एच*-डी ०, प्राष्यापक, रसायन विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी

कधीर मार्ग,

भगवती प्रसाद श्रीवास्तव, एम० एस-सी०, .एल० एल० बी०, एपोशियेट प्रोफेसर, धर्मंसमाज कालेज, पतली गढ़

भगी रथ मिश्र, एम० ए०, पी० एच-डी ०, प्रध्यक्ष, हिंदी विभाग, सागर विश्वविद्यालय, सागर ( म० प्र० )।

भगवान दास वर्मा, बी० एस्सी०, एल० टी०, भृतपूर्व भ्रष्यापक डेली ( चीपस ) कालेज, इंदोर,

: भूतपुर्वे सहायक संपादक, इंडियन क्रॉनिकलं, संप्रति

विज्ञान सहायक संपादक, हिंदी विश्वकोश, काशी नागरीप्रचारिणी सभा, वाराणसी 4

भगवानदीच मिश्र, एम० ए०, पी० एच-डी०, हिंदी विभाग, एम० वयी० डिग्नी -फालेज, हलद्वाची, (नैनीताल)

( स्व० ) भवानीशंकर याज्ञिकं, डाबटर, ८, शाहुनजफ रोड, हजंरतगंज, बखनऊ

स० दा०ए उ०

भ० सथव० च०

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सा०9 शं ५] मे 0

भा० स०

१६.

भगवत शरण उपाध्याय, ऐम० ए०, डी० फिल० ( जागेब ), -भ्रृतपूर्वं संपादक, हिंदी विश्वकोश्, नागरीप्रचारिणी सभा, वाराणसी |

भगवत स्वछप चतुर्वेदी, भ्राई० ई० एस०, कर्मांडेट, प्रांतीय रक्षक दल, साउथ एवेन्यू, लखनऊ ।॥ भागी रथ प्रसाद जिपाठी, अनुर्ंघान संस्थान, वारा- ण॒प्तेय संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी | भानुशंकर मेहता, एम० बी० बी० एंस०, पैथार लाजिस्ट, बुलानाला, वाराणती |

भाऊ समर्थ, जे० डी० स्कूल शा भ्रार्ट्स (वंबई), चित्रकार, गोयनका उद्यान, सोनेगाव, नागपुर--५।|

भसा० सिं० गौ० भारत सिंह गौतम, एम० ए०, हरिश्चंद्र डिग्री

कालिज, वाराणती

भी०' गो० दे० भीमराव ग्रोपाल देशपांडे, एम० ए०, बी० दी०,

सू० कां० र(०

प्रवक्ता, मराठी विभाग, (कांशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराखती); ५, डी ०, २९।२४, कमच्छा, वाराणती | भूपेद्रकांव राय, एम० ए०, रिचर्स आफिसर, नेशनल ऐटलस भार्यताइजेशन, १; लोश्र सकुंलर रोड, कलकत्ता--२०

भु० ना» ग्र० था भृगुनाथ प्रसाद, भष्यक्ष, जीवविज्ञान विभाग, काशी

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हिंद विश्वविद्यालय, वा राणसी--५

मं० उ॑० जें० का० मंगलघंद्र जेन कागजी, विधि विभाग, दिल्‍ली

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विश्वविद्यालय, दिल्‍ली

मन्मथनाथ गुप्त, संपादक 'आ्राजकल', पब्चिक्रेशंस डिवीजन, भारत सरकार, पुराना सबिवालय, दिल्ली |

महाराज नारायण मेहरोत्रा, एम० एस-सी०, एफ० जी० एम० एस०, प्राध्यापक, भूविज्ञान विभाग, कांशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी--५ मनोहर लाल द्विषेदी, साहित्याचा्य, एम० ए०, पी० एच-डी०, सरस्वती भवन पुस्तकालय, वा रा णुसेय उस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसो।

महेंद्र राजा जैन, एम० ए०, डिप्लोमा इन लाइजब्नेरी साइंस एंड इन मतिसोरी ट्रेनिंग, साहित्यरत्न, फेलो भ्रॉव लाइब्रेरी साइंस (लंदन), लाइब्रेरियन, दारुस्सलाम, ( पूर्वी ध्रफ्रोका )

डा० मगुरा लाल शर्मा, एम० ए०, डी० लिु०,

प्रोफेपर, इतिहास विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय, -जयपुर॥

>माधवाचारय्य, भूतपुर्वं संपादक सहायक, हिंदी विएव-

कोश, नागरीप्रचारिणी. समा, वाराणसी 'मिथिलेशचंद्र पांड्या, भ्रष्यक्ष, इतिहास विभाग, पोस्ट प्र जुए5 कालेज, प्रमरोहा, ( मुरादाबाद ) |

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द्वादश खंड के लेखक

मिल्टन चरण, बी० ए०, मारतीय मप्तीही बुघार समाज, एप, १७३८५, राजाबाजार, वाराणसी शुकुंदी लाल श्रीवास्तव, साहित्यादि संपादक, हिंदी विश्वक्षोण्त, वागरीप्रचारिशणी सभा, वाराणुती | मुहम्मद यासीन, प्राष्यापक, इतिहास विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ |

मुद्रा राक्षस, दुगावाँ, लखनऊ

रत्वाकर उपाष्याय, एम० ए०, प्राष्यापक, इतिहास विभाग, गवरन॑मेंट इंटर कालेज, श्रीनगर, गढ़वाल

रमेशचंद्र कपूर, डो० एसन्सी०, डी० फिल०, प्रोफ़ेसर, रसायन विभाग, जोधपुर विश्वविद्यालय, जोधपुर

रमेशचंद्र तिवारी, एम० ए०, काशी विद्यापी5, वाराणसी |

रजिया सज्जाद जदह्दीर, एम० ए०, भूतपूर्व लेक्चरर, उद्द' विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय, वजीर मंजिल, वजी रहसन रोड, लखनऊ

रमाशंकर द्िवेदी, प्रध्यापक, वनस्पति विभाग, काशी हिंदु विध्वविद्यालय, वाराणती--५

राजेंद्र श्रवस्थी; राजनीति विभाग; पंजाब विश्व- विद्यालय, चडी गढ़

राजेंद्र कुमार सिंह, डो. ए. वो, कालेज, काशी रामप्रवध ह्विवेदी, पुम० ए० डी० लिट०, भूतपूर्व प्रफेपर, अंग्रेजी विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराखती; यु० जी० सी० प्रोफेप्तर, काशी विद्यापी5ठ, वाराणसी |

रामकुमार, एम० एस-सी०, पी० एच-डी ०, प्रोफेधर गशित तथा श्रध्यक्ष, श्रनुप्रयुक्त गशित विभाग, मोतीलाल नेहरू इंजीनिर्यारिग कालेज, इलाहाबाद | रामचंद्र पांडेय, एम० ए०, पी० एच-डी०, व्याक रणाचार्य, बौद्ध दश्शव विभाग, दिल्‍ली विश्व- विद्यालय, दिल्‍ली

समर्चद्र सिन्हा, प्रोफेसर एवं श्रष्यक्ष, जिश्नोव्रोणी विभाग, पटना विश्वविद्यालय; पटना |

रामदास तिवारी, एम० एस-सी०, ढडी० फिल्त०, प्रसिस्देंद प्रोफेतर; रसायन विभाग, एइलाहावाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद

(स्व०) रामाज्ञा ह्िवेदी, लेबर कालोनी, ऐश- घाग, लखनऊ

राजेंद्र नागर; एम० ए०, पी० एच-डी०, रीडर, इतिहास विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ | रामवली पांडिय, एम० ०, ढो० ए० वी० फालेज, बाराणसी

रामप्रताप त्रिपाठी, सहायक मंत्री, हिंदी साहित्य

सम्मेवन, इवाहावबाद

रा० प्र० सिं० राजेंद्र प्रसाद सिंह, एम० ए०, शोघह्ाात्र, भूगोल विभाग, काशी हिंदु विश्वविद्यालय, वाराणुसी-५।

रा० फे० ध्रि० रामफेर त्रिपाठो, एम० ए०, रिसर्च स्कलार (ग्रू० जी० सी०), हिंदी विभाग, लखनऊ विश्व- विद्यालय, लखनऊ |

रा० कु० मि०_ राजेंद्र कुमार मिश्र, मनोविज्ञान विशाग, इलाहा- वाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद |

रा० मि० राम श्ताप मिश्र, ३।१००६, रामझ्ृप्णपुरमु, नई

दिल्‍ली--२२ | रा० श्या० आ० राधेश्याम प्ंवष्ट, एम० एस-सी०, पी० एच डी०, पफ० बो० एस०, प्राष्यापक वनस्पति विभाग; काशी हिंदू विश्वविद्यालय,---५। रामसहाय खरे, एम० ए०, प्रध्पापक, रामक्ृष्ण मंदिर हाई स्कूल, सिद्धिगिरिवाग, वाराणसो रा०ण्स०ना० श्री० राय सरत्येंद्रवाथ श्रीवास्तव, मनोविज्ञान विभाग; काशी विद्यापीठ, वाराणसी रा० स्व० या रा० रामस्वरूप, एम० ए०, बी० टी० ६५।३६२ १०, बड़ी पियरी, वाराणसी क्ष० वि० गु० या लक्ष्मीशंकर विश्वनाथ गुर, एम० ए०, ए० एम० ज्ञ० शं० वि०गु० एस; रीडर, पी० जी० श्राई० एम० कांलिज प्रॉव मेहिकल सायंसेज, काशी हिंदु विश्वविद्यालय, वाराणसो--५

२० स० ख०

सी० के०

स्त० शं० व्या० लक्ष्मी शंकर व्यास, एम० ए०, सहायक संपादक प्राज! देनिफ, वाराणसी |

लग शे० छु०. लक्ष्मीशंफर शुक्त, एम० ए०, प्राष्यापक, काशी

: विद्यापीठ विश्वविद्यालय, वाराणसी

क्ष० सा० वा० लक्ष्मीसागर वाष्णेय, एम० ९०, डी० किल०; डी० लिटु०, रीडर, हिंदी विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद

ला० त्रि० प्र०«. लालघर त्रिपाठी “प्रवासी, नामरीप्रचारिणी प्भा,

काशी छा० घ० पा० या लालवहादुर पांडेय, शास्त्री, एम० ए० एस०, भृत-

क्ञा०घ० पाँ० पूर्व परसनल भ्राफिसर) इंडस्ट्रिपल इृस्ठेट मैन्यू० धसोसियेशन, वाराणसी एवं भूतपुं जनरल मैनेजर, हैम इलेक्ट्रिक कं०, सराय ग्रोदर्घन, वाराणसी |

ज्ञा० रा० शु० लालजी राम शुक्त, एम० ए०, ढी० ६१।२६, डी, घिद्वगिरियाग, वाराणसी

से० रा० सिंग. लेखराज, शिंहू, एम० ए० दी० फिन्न०, सह्दायक

प्रोफेतर, भूगोल विभाग, प्रयाग विश्वचिद्रालय॥ प्रयाग | चाई०आार० में पा यशवंत राय मेहता, एम० एसन्सी०, पी० एच-ढी० य० रा० से« (यू० एस० ए० ), पैसोशियेट प्राई० ए० प्रार«ब धाई०, इफेनैमिक बोठनिस्ट, कानपुर, उतर प्रदेश |

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शि० ना० ख०

हवींदशे खंड के लेखक

वासुदेव उपाध्याय, एम० ए०) डी० फिल०, प्राचीत

इतिहास तथा पुरातत्व विभाग, पढता विश्व- विद्यालय, पटना

विश्वंभरताथ, पांडेय, १४२, साउथ मलाका इलाहाबाद

विश्वनाथ त्रिपाठी, साहित्याचाये, सहायक संपादक, शब्दकोश विभाग, नागरी प्रचारिणी सभा, वा राणसी। विजयपाल सिह, धध्यक्ष, हिंदी ' विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय; वाराणसी

विश्वंभर प्रसाद गुप्ता, ए० एम० प्राई० ई०, कार्ये-

पालक इंजीनियर, सी० पी० डब्ल्यु०, डी, ७४,

लुकरमंज, इजाहावाद |

विद्याभास्कर शुक्ल, पी० एच-डी०, विसिपल+ गवर्न मेंट पोर्ट प्रेजुएट कालेज प्लाँव सायंस, रायपुर विनयमोहन शर्मा, एम० ए० पी० एच-डी०) प्रोफेसर एवं श्रध्यक्ष॥। हिंदी विभाग) कुरुकमन्र विश्वविद्यालय; कुरुक्षेत्र

विशुद्दावंद पाठक, एम० ए०। पी० एच-डी०) प्राध्यपक, इतिहास विभाग) काशी हिंदू विश्व- विद्यालय; वाराणसी |

विनोदशंकर का, एम० एस-सी०, प्राष्यापक जंतु विज्ञान विभाग, राँची विश्वविद्यालय, राँची; विहार |

डा० वि० एस० नखरो, एम० ए०, डी० घछिट०, सहायक प्रोफेसर, दर्शन विभाग, प्रयाग विश्व- विद्यालय, प्रयाग

विद्यासागर दुबे, एम० एसन्सी०, पी० एच-डो० (लंदन ), भूत्तपृर्व॑ भ्ोफेघ्र, जिप्रोलॉजी विभाग, काशी हिंदु विश्वविद्यालय, कंसल्टिंग, जिश्नोलॉ- जिस्ठ ऐंड माइंस भप्रोतर, वहुंधरा, रवींद्रपुरी, वाराणसी |

वियोगी दूरि, श्रध्यक्ष, धभ्र० भा० हरिजन सेवक संघ, एफ १३।२, माडल टाउन, नई दिल्‍ली

शी रानी ग्रुदं, एम्० ए० फैज बाजार; दरियागंज, दिल्‍ली

शांतिलाल कायस्थ, रोडर, भुगोल विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय; वाराणसी |

शांतिप्रिय दिविदी, लोलाक कुंड, वाराणसी | शिवगोपाल मिश्र; एम० एस-सी०७ पी० एच- डो०, प्राध्याषक रसायन विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी--५

शिवनाथ खन्‍्ता, एम० बी० बी० एस०, डी० पी- यन्र०, भायुर्वेदरत्व, लेक्चरर, सोशल एंड प्रिवेंटिव

शि० प्र० शि० भो० व० शि० श०

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मेडि्धपिन विभाग, कालेज शॉव मेडिकल साइंसेज़, काशी हिंदू विश्वविद्यालय; वाराणसी

शिवनाथ प्रसाद, डी० ए० वी० कालेज, वाराणसी | शिवमोहन वर्मा, एम० एप्सी०, पी० एच डी०; प्राष्यापक, रतायत विभाग, काशी हिंदू विश्व- विद्यालय, वाराणसी--५

शिवानंद शर्मा, श्रष्पक्ष, दरशन विभाग, सेंढ एंड्रज कालेज, गोरखपुर

शीतला प्रसाद सिह, एम० एससी०, पी० एच- डी० प्राष्यापक प्राशिविज्ञान, पटना विश्वविद्यालय, पटना

शुभदा तेलंग, एम० ए०, असिपल वरंत कालेज फार वीमेन, राजघाट, वाराणसी

शुद्गोदन प्रसाद मिश्र, एम० एस-सी०, प्राष्यापक, रसायन विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय; वाराणसी--५

श्रवण कुमार तिवारी; स्पेक्ट्रोस्‍्कोपी विभाग, फ्राशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी --५

श्रीशचंद्र पांडेय, प्हरौरा, मिर्जापुर

श्रीनारायण पिह; एम० ए० शोघषछात्र; भूगोल विभाग) काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी-४।॥ सलामतुल्ला, प्रिसिपल; कार्मस कालेज, जामिया मिलिया इस्लामिया, जामियानगर; नई दिल्‍ली

सत्यप्रकाश, डी० एसन्धी०, एफ० ए०) एस०

सी०, रोडर, रसायन विभाग, इलाहाबाद विश्व+ विद्यालय; इलाहाबाद |

सत्येंद्र वर्मा, पी० एच-डी०) ( लंदन ), डिपुटी सुरपरिटेंडेंट, डिपार्टमेंट ध्ॉव प्लैनिंग ऐंड डेवलपमेंठ फर्टदिचाइजर कारपोरेशन प्रॉव इंडिया; पिंदरी; घनवाद |

(स्व०) सत्यदेव विद्यालंकार, लेखक पत्रकार; नई दिल्‍ली

घाविष्री जायसवाल; एम० एस-सी०, प्राध्यापक) विज्ञान वनस्पति विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी--५

सीयाराम गुप्त, बी० एस-सी०; डिपुटी सुर्पारि- टेंडेंट श्रॉव इलिप, श्रंगुलि चिह्न तथा वैज्ञानिक शाखा, सी० भ्राई० डी०, उत्तर प्रदेश, लखनऊ

सुरेश पिह कुँश्रर, एम० एल० सी०, कालांकाकर प्रतापगढ़; उ० प्र० |

सुरेश चंद्र शर्मा; एम० ए०, पुल० एल० वी०; पौ० एच-डो० श्रष्यक्ष, भूगोल विभाग, एम० एल०. डिग्री कालेज, बलरामपुर (ग्रोंडा) उ० प्र०.

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झंस्या, गपादक, संवत, मखेरण, संसृत,

सह संदर्भ ग्रंथ पंखरण पेंटीग्रेह, ग्राम, परेकंढ पंदति पाप ( महाभारत ) साहकाॉतोजी [दरकांद पेंटीगे३ सेंटीमी5 ऐेकृह संदपुराणु एर्गीय हगुमानवाहुक, हरिवंगपुराणु हिदी हिंदी विशकोश हिजरी, हिंसा हिस्टाखित

- ग्राक्षथन हिंदी विश्वकोश का बारहवाँ खंड, जिसे समापन खंड भी कहा जा सकता है, प्रस्तुत करते हुए हमें हर्ष और गोरव का अनुभव हो रहा है | हर्ष इसलिये कि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से हम लगभग नौ वर्षो की श्रल्प झवधि में (सत्‌ १६६० ई० में प्रथम खंड प्रकाशित हुआ था) इतना बड़ा कार्य संभव कर सके तथा गौरब इसलिये छवि काशी चागरीप्रचारिण्यी सभा स्यात्‌ सर्व- प्रथम हिंदी वाडःमय के ज्ञानभांडार को इस रूप में शोवृद्धि करने में साध्यम बनो यद्यपि विशिश्न देशी-विदेशी लेखकों ने हमें क्ृपा- पूर्वक सहयोग दिया और संपादन कर्म में भी अनुभवी व्यक्तियों ने योगदान दिया तो भी, सांभव है, साधनों की कमी तथा कार्य की विशालता देखते हुए कुछ अभाव रह गया हो इसके लिये सभा अपना उत्तरदायित्व स्वीकार करती है और पुनर्मुद्रण की स्थिति में यथासंभव यह कमी दूर कर दी जायगी

उस खंड के साथ संपूर्ण बारह खंडों की विषयसूची भी दी जा रही हैं और एक परिशिप्ठ भाग जोड़ दिया गया है। इस प्रकार प्रस्तुत खंड में ४४३ (भूमिका भाग के अ्रतिरिक्त) पृष्ठ हैं जिसमें ५८० लेखों के अंतर्गीत २०० से अधिक विशिजष्ठ लेखकों की रचनाएँ दी जा रही हैं रंगीन चित्रों के श्तिरिक्त अनेक रेखाचित्र, मानचित्र तथा चित्र फलक भी दिए जा रहे हैं

संवादन और प्रक्राशन कार्य से संबद्ध व्यक्तियों के तथा विश्वकोश कार्यालय के अधिकारेयों और कार्यकर्ताओं के हम आभारी हैं। नागरीप्रचारिणएो सभा और केंद्रीय शितज्षा संचालय के अधिकारियों के हम विशेष रूप से रकृतज्ञ हैं जिनके उत्साह

ख्रोर सहयोग से इतना बड़ा काम समापन की स्थिति तक पहुँच सका

+सुधाकर पांडेय संत्री तथा संयोजक हिंदी विश्वकोश प्रधान मंत्री, काशी नागरीप्रचारिस्मी सभा

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छांदपुराणु

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हिंदी विधकोए

हिबरी, हिंमांके

हिट फिए

- आक्कथन

हिंदी विश्वकोश का बारहवनाँ खंड, जिसे समापन खंड भी कहा जा सकता है, प्रस्तुत करते हुए हमें हर्ष और गौरव का अनुभव हो रहा है | हर्ष इसलिये कि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के ' सहयोग से हम लगभंग नौ वर्षो की श्रल्प अवधि में (सन्‌ १६६० ई० में प्रथम खंड प्रकाशित हुआ था) इतना बड़ा कार्य संभव कर सके तथा गौरव इसलिये क्वलि काशी नागरीप्रचारिशी सभा स्थात्‌ सर्व- प्रथम हिंदी वाइग्मय के ज्ञानभांडार की इस रूप में शक्षोवृद्धि करने में साध्यम बनो यद्यपि विशिष्ठ देशी-विदेशी लेखकों ने हमें क्ृपा- पूर्वक सहयोग दिया और संपादन कर्म में भी अनुभवी व्यक्तियों ने योगदान दिया तो भी, संभव है, साधनों की कम्ती तथा कार्य की विशालता देखते हुए कुछ अभाव रह गया हो इसके लिये सभा अपना उत्तरदायित्व स्वीकार करतो है और पुनर्मुद्रणा की स्थिति में यथासंभव यह कसी दूर कर दी जायगी

इस खंड के साथ संपूर्ण बारह खंडों की विषयसूची भी दी जा रही हैं और एक परिशिष्ठ भाग जोड़ दिया गया है। इस प्रकार प्रस्तुत खंड में ४४३ (भूमिका भाग के अ्रतिरिक्त) पृष्ठ हैं जिसमें ४८० लेखों के अंतर्गत २०० से भ्रधिक्र विशिष्ठ लेखकों की रचनाएँ दी जा रही हैं | रंगीन चित्रों के अतिरिक्त अनेक रेखाचित्र, सानचित्र तथा चित्र फलक भी दिए जा रहे हैं

संपादन और प्रकाशन कार्य से संबद्ध व्यक्तियों के तथा विश्वकोश कार्यालय के अधिकारेयों और कार्यकर्ताओं के हम आाभारी हैं। नागरीप्रचारिणोी सभा और केंद्रीय शिक्षा संन्नालय के अधिकारियों के हम विशेष रूप से कृतज्ञ हैं जिनके उत्साह श्रौर सहयोग से इतना बड़ा कास समापन की स्थिति तक पहुँच सका

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संत्री तथा संयोजक

हिंदी विश्वकोश प्रधान संत्री, काशी नागरीप्रचारिणी सभा

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संदर्भ ग्रंप

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यह ज्ञानयज्ञ

सुधाकर पांडेय

मंत्री एवं संयोजक नि लत हक हिंदी विश्वकोश परामशंदात्री एवं संपादन समिति

हिंदी का प्रथम विश्वकौश सभा द्वारा प्रस्तुत है। आधुनिक रूप में विश्वकोश रचना की प्रथा विदेश से इस देश में भाई है ग्रौर यह शब्द इनसाइक्लोपीडिया, का पर्याय है। वास्तव में इनसाइवलोपीडिया ग्रीक के इनसाइवलग्र।स (एव ८एं सकिल तथा पीडिया एजुकेशन ) से बना है। इसका उद्देश्य होता है विश्व भें कला श्रौर विज्ञान तथा समस्त श्रस्यान्य ज्ञानों का वरणनुक्रम से सहज, सुगंठित झौर व्यवस्थित रूप से प्रस्तुतीकरण | एक विपय, एक कवि, लखक या दार्शनिक को लेकर भी विश्वकोश के निर्माण की ही पद्धति इधर प्रचलित हुई है। प्रारंभ में विश्वकोश की रचता एक या कुछ लेखक मिलकर करते थे कितु अब श्रपते झपने विपय के |वशेपज्ञ